केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अन्य संगठनों के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी हड़ताल में इटावा से सैकड़ों किसानों-मजदूरों, आशा, रसोइयों, दवा प्रतिनिधियों, महिलाओं व युवाओं ने भागीदारी की। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील, चार लेबर कोड, बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटर, जीव जंतु कानून, बीज एवं बीमा विधेयक को रद्द करने की मांग उठाई। साथ ही 26,000 रुपये मासिक वेतन, आशा-रसोइयों को कर्मचारी का दर्जा देने, एमएसपी की कानूनी गारंटी, मनरेगा की बहाली तथा सरकारी विभागों व शिक्षा में खाली पदों को भरने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। वक्ताओं ने आगे भी संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त किसान मंत्री एवं एसकेएम नेता मुकुट सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि यह देशव्यापी हड़ताल केवल मजदूरों-किसानों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मोदी सरकार की कॉरपोरेटपरस्त व सांप्रदायिक नीतियों से देश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि काले कानून बनाकर अमेरिका की अधीनता और आर्थिक गुलामी थोपने के प्रयासों के विरुद्ध संघर्ष को और व्यापक व मजबूत बनाया जाएगा।
रसोइया यूनियन सीटू के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमर सिंह शाक्य एवं आशा यूनियन सीटू की प्रांतीय महामंत्री संगीता कश्यप ने चार लेबर कोड को मजदूर वर्ग को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने और शोषण बढ़ाने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने आशा, रसोइयों, शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से किए वादे पूरे नहीं किए। 26,000 रुपये मासिक वेतन, सेवा शर्तों में सुधार और शोषण रोकने की मांगें अब तक अधूरी हैं तथा जिला स्तर पर भी शोषण जारी है।
किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष नाथूराम यादव एवं प्रांतीय संयुक्त मंत्री संतोष शाक्य ने खेती-किसानी के संकट के लिए मोदी-योगी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ डील कर किसानों को फांसी के फंदे पर लटकाने की तैयारी की जा रही है। एमएसपी की गारंटी, कर्जमाफी, आय दोगुनी करने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादों से सरकार मुकर गई है।

सभा को किसान सभा के जिलामंत्री संतोष शाक्य, बीकेयू टिकैत के जिलाध्यक्ष लवीश यादव, यूपी एमएसआरए के सुनील शर्मा, अभिषेक दुबे, किसान सभा के पूर्व अध्यक्ष विश्वराम सिंह यादव, डॉ. शौकीन सिंह, प्रेमशंकर यादव, इंद्रपाल, शिवकुमार सिंह, वैद्य विश्वराम सिंह, असित यादव, सर्वेश कमल, उमादेवी, अनीता पोरवाल, मोनू यादव, शुभदीप सूर सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। साकेत नारायण सविता ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामबृजेश यादव, शकुंतला एवं अभिषेक दुबे की अध्यक्ष मंडली ने की तथा संचालन सीटू नेता अमर सिंह शाक्य ने किया। इससे पूर्व अंबेडकर चौराहे पर रोड जाम कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पुतला दहन किया गया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन करते हुए कचहरी पहुंचकर आमसभा आयोजित की।
