धर्म नगरी में कल एक ऐतिहासिक एवं मंगलमय क्षण का साक्ष्य बनने जा रही है। आचार्य श्री वसुनंदी मुनिराज के परम शिष्य एवं जैन धर्म के प्रभावशाली संत पूज्य उपाध्याय श्री वृषभानंद जी मुनिराज का 5 पिच्छी सहित बटेश्वर से पदबिहार करते हुए आज सायंकाल 4 बजे श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, नशिया जी में भव्य नगर प्रवेश होगा।
नगर प्रवेश के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा आचार्य श्री का मंगल आरती, वंदना एवं चरण प्रक्षालन कर श्रद्धाभाव से स्वागत किया जाएगा। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
इसके पश्चात मंगलवार प्रातः 7 बजे श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, नशिया जी से भव्य आगवानी जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस टिक्सी मंदिर, बजरिया, छैराहा पचराहा, राजागंज चौराहा, रंगलाल चौराहा होते हुए महावीर मार्ग स्थित लालपुरा जैन मंदिर पहुंचेगा।
इस भव्य जुलूस की विशेष शोभा के रूप में 108 फुट की विशाल ध्वजा श्रद्धालुओं के साथ नगर भ्रमण करेगी, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहेगी। भक्त वैभव जैन सहित समस्त श्रद्धालु इस अवसर पर पूज्य उपाध्याय श्री के चरणों का प्रक्षालन, आरती एवं वंदना कर भव्य आगवानी करेंगे।
समाज के वरिष्ठजनों ने समस्त सहधर्मी महिलाओं एवं पुरुषों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में समय पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनें तथा धर्म लाभ अर्जित करें।
