होली का त्योहार मनाने के लिए अपने घरों को जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। इस बार इटावा और सैफई डिपो से विभिन्न मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। दिल्ली रूट पर सबसे अधिक 62 बसें संचालित की जाएंगी।
इटावा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) मयंक कुमार सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली, फरुखाबाद, आगरा, कानपुर और मैनपुरी मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी। ये वो मार्ग हैं, जहां होली के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त बसों का भी प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा डिपो से आनंद विहार के लिए 20, सराय काले खां के लिए 10 और अन्य दिल्ली रूट के लिए 15 बीएस-6 बसें चलाई जा रही हैं। वहीं, कौशांबी के लिए 8 से 10 साल पुरानी बसें संचालित होंगी।
फरुखाबाद मार्ग पर इटावा डिपो से 12 बसें, आगरा-कानपुर मार्ग पर 22 बसें और मैनपुरी मार्ग पर 4 बसें चलेंगी। सैफई डिपो की 26 बसों में से आनंद विहार के लिए 10 और कौशांबी के लिए 7 बसें शामिल हैं। आगरा-कानपुर मार्ग पर कुल 62 बसें संचालित होंगी, जिनमें औरैया डिपो की 23, इटावा डिपो की 22 और शिकोहाबाद डिपो की 17 बसें शामिल हैं।
इटावा-फरुखाबाद मार्ग पर कुल 25 बसें दौड़ेंगी, जिनमें इटावा डिपो की 12, बेवर डिपो की 8 और फरुखाबाद डिपो की 5 बसें हैं। वहीं, इटावा-मैनपुरी मार्ग पर 12 बसें चलेंगी, जिनमें मैनपुरी डिपो की 8 और इटावा डिपो की 4 बसें शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डे पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से वे बसों के समय और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोडवेज का लक्ष्य है कि त्योहार के दौरान सभी यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।
