शहर में रमज़ान उल मुबारक का पाक महीना पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न मस्जिदों में नमाज़ और तरावीह का सिलसिला जारी है, वहीं रोज़ेदारों के लिए जगह-जगह इफ्तार का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली के पीछे आलमपुरा में एक भव्य रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
रोज़ा इफ्तार के दौरान माहौल पूरी तरह इबादत और भाईचारे से भरा रहा। सभी रोज़ेदारों ने एक साथ मिलकर खजूर, फल, शरबत और पारंपरिक व्यंजनों के साथ रोज़ा खोला। इस दौरान एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सौहार्द की भावना देखने को मिली। इफ्तार के बाद सामूहिक रूप से नमाज़ अदा की गई और सभी ने अल्लाह से देश और समाज की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इस आयोजन में कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें इदरीश मंसूरी, हसीन मंसूरी, वारसी वसीम चौधरी, मुनीर आलम, बने शाहिद हुसैन उर्फ लल्ला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने इस पवित्र महीने की बरकतों और इस तरह के आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इफ्तार कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने रमज़ान की महिमा और इसके सामाजिक महत्व पर चर्चा की। वक्ताओं ने बताया कि रमज़ान केवल इबादत का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, दया और आपसी सौहार्द का संदेश भी देता है। इस दौरान समाज में प्रेम और सद्भावना बनाए रखने की अपील की गई।कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस तरह के आयोजनों को समाज में मेल-जोल और एकता को बढ़ावा देने वाला बताया। वक्ताओं ने कहा कि रोज़ा और इफ्तार का मकसद केवल भूखे-प्यासे रहना नहीं, बल्कि खुद को संयमित रखना, जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में शांति बनाए रखना भी है।
सभी ने देश में शांति, सौहार्द और उन्नति के लिए दुआ मांगी। आयोजन समिति ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
