पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो की दर से मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत जो लोग राशन प्राप्त कर रहे हैं, उनमें से जिले में 3 लाख 1 हजार 673 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके राशन पर संकट के बादल छाए हैं। इन उपभोक्ताओं ने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराई है और आने वाले समय में ईकेवाईसी के बिना खाद्यान्न नहीं मिल सकेगा।
शासन की ओर से इस संबंध में छह महीने पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि राशन कार्ड पर जितने भी उपभोक्ताओं के नाम दर्ज हैं, उन सभी को ईकेवाईसी करानी पड़ेगी। यह भी स्पष्ट किया गया था कि राशन उन्हीं को मिलेगा जिनकी ईकेवाईसी पूरी हो जाएगी। हालांकि, अभी तक इन निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है, लेकिन जैसे ही बिना ईकेवाईसी वालों को राशन मिलना बंद होगा, तो इन तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं का राशन संकट में आ जाएगा।
जिले में कुल 11 लाख 76 हजार 714 उपभोक्ता हैं, जो पात्र गृहस्थी राशन कार्डों पर दर्ज हैं। इन्हें हर महीने प्रति यूनिट 5 किलो राशन मिलता है। इन उपभोक्ताओं के कुल 2 लाख 90 हजार 558 राशन कार्ड हैं, जिन पर उनके नाम दर्ज हैं और उन्हें राशन वितरित किया जाता है। लेकिन यदि समय रहते ईकेवाईसी नहीं कराई गई, तो इन्हें राशन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
