आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, होली, रमजान, ईद-उल-फितर, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, परशुराम जयंती सहित अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों एवं मार्च-अप्रैल में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर जनपद इटावा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू कर दी गई है। यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव द्वारा जारी किया गया है, जो 01 मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए यह आदेश आवश्यक है। जनपद में पांच या अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्रित होने और जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी व्यक्ति को लाठी, डंडा, चाकू, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, पत्थर या किसी भी प्रकार के हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध पुलिसकर्मियों, कानून-व्यवस्था में लगे कर्मियों, बीमार और वृद्ध नागरिकों पर लागू नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक, भड़काऊ और नफरत फैलाने वाली पोस्ट शेयर करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि प्लेटफार्मों पर गलत जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। इसके अलावा, विद्युत आपूर्ति बाधित करने, ईंट-पत्थर जमा करने और किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि को उकसाने पर भी कड़ी सजा दी जाएगी।
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, टेंपो स्टैंड या सड़कों पर कोई भी व्यक्ति या समूह जबरन जाम नहीं लगाएगा। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, स्कूल-कॉलेजों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराने का प्रयास दंडनीय अपराध माना जाएगा।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके 100 मीटर के दायरे में बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा करने पर रोक होगी। परीक्षा के दौरान 1 किलोमीटर के दायरे में फोटोकॉपी (फोटोस्टेट) की दुकानें बंद रखी जाएंगी। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, ब्लूटूथ, आईटी गैजेट्स और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
कोविड-19 संबंधी भ्रामक जानकारी फैलाने पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 और महामारी अधिनियम-2005 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत कठोर दंड दिया जाएगा।
यह आदेश आज 28 फरवरी 2025 को जारी किया गया है और यदि आवश्यक हुआ, तो इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
