ताखा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय ऊसराहार में पढ़ने वाली छात्राओं को पिछले डेढ़ माह से पीने के लिए दूध नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, सर्दी के मौसम में छात्राओं को चाय भी नसीब नहीं हो सकी है। इस गंभीर समस्या का कारण बेसिक शिक्षा विभाग को बताया जा रहा है, क्योंकि विद्यालय को दूध की आपूर्ति देने वाली फर्म को पिछले कई महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण फर्म ने दिसंबर माह से दूध की आपूर्ति बंद कर दी है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली 75 छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शासन द्वारा प्रतिदिन दूध दिए जाने के निर्देश हैं। शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों को दूध की आपूर्ति से उनका पोषण सुनिश्चित किया जाता है, लेकिन अब करीब डेढ़ महीने से छात्राओं को यह सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ सकता है।
ताखा के ऊसराहार में स्थित इस विद्यालय में रविवार को छोड़कर प्रतिदिन 200 मिलीलीटर दूध दिया जाता था, लेकिन अब यह भी बंद हो चुका है। छात्राओं और उनके अभिभावकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई है।