स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की मानीटरिंग के लिए शुरू किए गए ई-कवच पोर्टल की शुरुआत को डेढ़ साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन यह पहल अब तक कागजों तक ही सीमित रही है। इस पोर्टल का उद्देश्य था कि ग्रामीण अंचलों में आने वाले मरीजों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि लखनऊ में बैठे अधिकारी समय-समय पर मरीजों की अपडेट्स पर निगरानी रख सकें।
लेकिन, पिछले एक माह से ई-कवच पोर्टल पर मरीजों का विवरण दर्ज नहीं किया गया है, जिसके कारण मरीजों की मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही है। इस पोर्टल पर हैजा, मलेरिया, फाइलेरिया, निमोनिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड, हेपेटाइटस-बी, सी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों का विवरण दर्ज किया जाना था।
इस स्थिति को लेकर दो दिन पहले हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने नाराजगी व्यक्त की और सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि पोर्टल पर मरीजों का विवरण तुरंत दर्ज किया जाए।
सीएमओ डॉ. गीताराम ने सभी सीएचसी और पीएचसी में तैनात चिकित्साधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेने और मरीजों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस कार्य में कोई लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
