अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ ने 25 साल पुराने आबकारी एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 1999 का है, जब चौविया थाना पुलिस ने गश्त के दौरान मैनपुरी के अहिकारीपुरा निवासी प्रवेश कुमार को आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।
साल 1999 में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने प्रवेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए थे। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराया। कोर्ट ने निर्णय दिया कि उसे उस अवधि की सजा दी जाए जो उसने जेल में बिताई थी।
इस फैसले के बाद कोर्ट ने दोषी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे उसे अदालत के आदेश के अनुसार जमा करना होगा। 25 साल बाद मामले में न्याय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, स्थानीय लोगों ने न्यायिक व्यवस्था पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे समय की सटीकता और न्यायिक निष्पक्षता का प्रतीक माना।
