जनपद में कक्षा छह से लेकर इंटरमीडिएट तक के छात्रों की अपार आईडी बनाने में माध्यमिक शिक्षा विभाग लापरवाही बरत रहा है। अभी तक केवल 40 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की ही अपार आईडी बन सकी है, जो कि एक गंभीर मामला बन चुका है। खासकर निजी विद्यालयों में इस प्रक्रिया को लेकर लापरवाही ज्यादा देखने को मिल रही है। छात्रों के लिए यह आईडी बनवाना जरूरी है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें और परीक्षा संबंधी तमाम प्रक्रियाओं में कोई परेशानी न हो।
इस मामले पर डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वे जल्द से जल्द शत-प्रतिशत अपार आईडी बनवाने की प्रक्रिया को पूरा करें। जनपद में माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक कुल 1.16 लाख बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें राजकीय, वित्तपोषित और वित्तविहीन विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
