शहर में बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय अपनी अव्यवस्थाओं के कारण पूरी तरह से बेकार साबित हो रहे हैं। इन प्रतीक्षालयों में ऑटो और ई-रिक्शा नहीं रुकते, जिसके कारण यात्रियों को सड़क के किनारे विभिन्न स्थानों पर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
जिले में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से पांच प्रतीक्षालयों का निर्माण किया गया था, जो राजकीय आईटीआई, डीएम कार्यालय, शास्त्री चौराहा, नुमाइश मैदान और वन विभाग चौराहा के पास स्थित हैं। इन प्रतीक्षालयों का निर्माण आवास विकास विभाग ने किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह यात्री सुविधा का माध्यम नहीं बन सके।

शास्त्री चौराहे के पास बने प्रतीक्षालय का स्थिति और भी गंभीर है, जहां दुकानों के अतिक्रमण के कारण प्रतीक्षालय का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यह हाल अन्य प्रतीक्षालयों का भी है।
आवास विकास और नगर पालिका के बीच तालमेल न बन पाने के कारण इन प्रतीक्षालयों का हैंडओवर नहीं हो सका, जिसके चलते इनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा। यात्री प्रतीक्षालयों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन इन अव्यवस्थाओं के चलते यह लक्ष्य अधूरा रह गया है।
