इटावा जिले में जल्द ही पांच ब्लॉकों की 15 ग्राम पंचायतों में नई सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा। इससे करीब 75 गांवों के किसानों को क्षेत्र में ही खाद, बीज और अन्य कृषि संबंधित सुविधाएं मिलने लगेंगी।
अब तक किसानों को खाद, बीज और कृषि योजनाओं का लाभ पाने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर यात्रा करनी पड़ती थी। लेकिन नई सहकारी समितियों के गठन के बाद किसानों को इन सुविधाओं के लिए दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा। कृषि और सहकारिता विभाग के एआर सहकारिता ने नई समितियों के गठन के लिए अनुमोदन की फाइल जिलाधिकारी को भेजी है। जैसे ही जिलाधिकारी से स्वीकृति मिल जाएगी, जिले के किसान इन योजनाओं का लाभ उठाना शुरू कर देंगे।
एआर सहकारिता कमलेश नारायण वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले की 75 न्याय पंचायतों में से 60 में सहकारी समितियां संचालित हैं। हालांकि, 15 न्याय पंचायतों में समितियों का अभाव था, जिससे यहां के किसानों को कृषि संबंधी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नवीन सहकारी समितियों के गठन से किसानों को न सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए आसानी से कृषि सामग्री मिल सकेगी, बल्कि उन्हें अपनी फसलों के लिए सही मार्गदर्शन और समुचित मदद भी मिल सकेगी। यह कदम किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, जिससे कृषि उत्पादन में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
