इटावा। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल कालीबाड़ी मंदिर में स्वामी शिवानंद महाराज के समाधिस्थ होने के बाद से चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। कालीबाड़ी मंदिर पर दो पक्षों ने महंत होने का दावा किया था, जिसके बाद मामला न्यायालय में पहुंचा था। सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के बाद स्वामी सुबोधानंद महाराज के दावे को वैधानिकता प्रदान करते हुए उन्हें मंदिर में पूजा-पाठ करने और मंदिर की देखरेख का अधिकार दिया है।
न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया कि स्वामी सुबोधानंद महाराज ही मंदिर के महंत रहे हैं और वाद दायर होने से पहले उन्होंने ही मंदिर की देखरेख और पूजा-पाठ का कार्य किया। इसके अलावा, न्यायालय ने स्वामी सुबोधानंद महाराज को मंदिर की दान पेटिका की चाबी सौंपने का भी आदेश दिया।
इस निर्णय के बाद मंदिर में हो रहे विवाद का समाधान हो गया है और अब स्वामी सुबोधानंद महाराज ही मंदिर के संचालन और पूजा-पाठ की जिम्मेदारी निभाएंगे। श्रद्धालुओं और भक्तों ने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है और अब मंदिर में शांति और व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जताई है।
