इटावा। इटावा जिला अस्पताल में संचालित आयुष चिकित्सालय की स्थिति बेहद खराब हो गई है। अस्पताल में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी दवाओं की स्थिति चिंता जनक हो गई है। पिछले नौ माह से आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी विभागों में सर्दी, जुकाम, खांसी, पेट दर्द जैसी 30 प्रकार की दवाएं पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं, जिससे मरीजों को इलाज में समस्या हो रही है।
चिकित्सालय में दवाओं के खत्म होने से मरीजों की संख्या में प्रतिदिन कमी आ रही है। चिकित्साधिकारी ने दवाओं की कमी के संबंध में कई बार पत्राचार किया है और चार बार सूचित किया है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक दवाओं की आपूर्ति नहीं हो सकी है। दवाओं की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों या निजी चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ रहा है, जिससे उनके इलाज में देरी हो रही है और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सा में आवश्यक दवाएं जैसे चित्रकारी, काम दुधारस, शोधरेश्वर रस, शिकोल्लाद चूर्ण, लालोद चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, हिंग जस्टक चूर्ण और लवण भास्कर जैसी महत्वपूर्ण दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। इन दवाओं के बिना मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है, और वे अस्पताल की ओर से उपचार मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।
इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से लोगों ने अपील की है कि जल्द से जल्द दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को उनका इलाज सही समय पर मिल सके। अस्पताल में आयुष चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन दवाओं की कमी से यहां के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
