बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय हृदय रोगों के इलाज के लिए एक रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। पिछले 10 वर्षों से यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अस्पताल में चार यूनिट का हृदय रोग विभाग मौजूद है, लेकिन यह केवल शोपीस बनकर रह गया है।
जिला अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों को इलाज के लिए फिजीशियन के पास जाना पड़ता है। हालांकि, गंभीर मामलों में मरीजों को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के लिए रेफर कर दिया जाता है। यह स्थिति तब है जब सर्दियों के दौरान दिल के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
अक्टूबर माह में जहां हृदय रोगियों की संख्या 426 थी, वहीं नवंबर में ठंड बढ़ते ही यह संख्या 1052 तक पहुंच गई। दिसंबर में अब तक, यानी 25 तारीख तक, यह संख्या करीब 800 के आसपास है। इसके बावजूद, जिला अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए कोई विशेषज्ञ सुविधा नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों और मरीजों ने जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की जल्द नियुक्ति और विभाग को सक्रिय करने की मांग की है। ठंड के मौसम में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई करें।
