इटावा : महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण से विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस भेंट के दौरान दोनों के बीच महाराष्ट्र में हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से गंभीर चर्चा हुई।
डॉ. विपिन कुमार ने राज्यपाल को परिषद के कार्यों और हिंदी को वैश्विक भाषा के रूप में स्थापित करने की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हिंदी के प्रचार को बढ़ावा देने के उपायों पर जोर दिया। डॉ. कुमार ने बताया कि परिषद ने राज्यभर में हिंदी के प्रचार के लिए कई शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं, और अब उन्हें इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार का सहयोग चाहिए।
राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी न केवल भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने डॉ. विपिन कुमार के प्रयासों की सराहना की और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए परिषद के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्व हिंदी परिषद के आगामी कार्यक्रम को महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित करने के लिए अपनी सहमति दी। यह निर्णय हिंदी भाषा के प्रति राज्यपाल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और राज्य में हिंदी के प्रचार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
इस आयोजन के माध्यम से हिंदी साहित्य, संस्कृति और भाषा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में प्रमुख हिंदी साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों की भागीदारी को लेकर उत्साह है, जो हिंदी को एक मजबूत और प्रभावशाली भाषा बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
यह पहल न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश में हिंदी के महत्व को नए स्तर पर स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राज्यपाल महोदय का यह सहयोग हिंदी के प्रचार-प्रसार में एक मील का पत्थर साबित होगा। विश्व हिंदी परिषद के अध्यय यार्लंगड्डडा लक्ष्मी प्रसाद, उपाध्यक्ष देवी प्रसाद, प्रो संध्या वात्स्यायन, डॉ अपर्णा राय, डॉ शकुंतला सरूपरिया, प्रो तृप्ता शर्मा, परिषद के संपर्क समन्वयक डॉ नंदकिशोर साह, भगवान दास शर्मा, शिप्रा मिश्रा, विक्रमादित्य सिंह, कविता कुमारी, विजय पाटिल, पुरुषोत्तम कुंडे, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा वर्मा, पंकजवासिनी, डॉ संगीता सिंह बनाफर, डॉ इंदिरा चौधरी, गरिमा भाटी, डॉ. मीना घूमेराव आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
