जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल के निर्देश पर बुधवार को जनपद के 21 उर्वरक बिक्री केंद्रों का राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान सहकारी समितियों, सहकारी संघों और निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान सहकारी समिति सैफई, बरालोकपुर, जगसौरा, चकरनगर, भरेह, बंसरी, सहकारी संघ इकदिल एवं बरालोकपुर सहित शुभम एग्रीजंक्शन इकदिल, अदिति एग्रीजंक्शन ऊसराहार, आईआईएफडीसी भरथना और पीसीएफ केंद्र भोली समेत विभिन्न केंद्रों की जांच की गई। बी-पैक्स भरेह बंद मिलने पर उसे तत्काल खुलवाने के लिए सचिव को निर्देशित किया गया। वहीं, शुभम एग्रीजंक्शन इकदिल पर अभिलेखों का उचित रखरखाव नहीं मिलने और वितरण रजिस्टर पर किसानों के हस्ताक्षर न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जनपद में रबी फसलों का कुल क्षेत्रफल 1,14,754 हेक्टेयर है और इस समय बुवाई का कार्य तेजी से चल रहा है। किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी उर्वरक केंद्रों को समय से खोलने और अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्तमान में जनपद में 25,992 मीट्रिक टन यूरिया, 4,837 मीट्रिक टन डीएपी, 472 मीट्रिक टन एमओपी तथा 27,097 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि तिलहनी फसलों में सल्फर युक्त 20:20:0:13 एनपीके का प्रयोग करें। वहीं, गेहूं की फसल में 12:32:16 एनपीके के प्रयोग से नाइट्रोजन और फास्फोरस के साथ पोटाश भी प्राप्त होता है, जो फसल के विकास में सहायक है।
किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री अथवा खतौनी के आधार पर खेत के क्षेत्रफल के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। खाद वितरण में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9012000859 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उर्वरक विक्रय केंद्र से ओवररेटिंग या टैगिंग की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
