भरथना- बीते रविवार को पारम्परिक और पौराणिक लोक मान्यताओं के चलते दशहरा से शुरू होकर शरद पूर्णिमा तक चलने वाले टेसू-झेंझी का विवाह छोटे-बड़े उत्सवों के रूप में बड़े ही हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।
छोटे बच्चों ने टेसू के प्रतीकात्मक स्वरूप को दूल्हे की तरह अच्छे से सजाकर उसमें लाइटिंग जलाकर गली-गली, घर-घर और बाजारों में दुकानदारों से लोकगीत ‘‘मेरा टेसू यहीं खड़ा, खाने को मांगे दही बड़ा‘‘ और ‘‘टेसू अटर करे टेसू मटर करे, टेसू लैके टरे‘‘ सुनाकर रूपए एकत्रित किए। वहीं छोटी बच्चियों ने भी अपनी झेंझी को गोटेदार लाल चुनरी से दुल्हन की तरह सजाकर टोकरी में अपनी झेंझी रखकर घर-घर पहुंचकर ढोलक की थाप पर झेंझी के लोकगीत सुनाए और खूब मस्ती कर घरों से अनाज, रूपए एकत्रित किए और शरद पूर्णिमा का वह दिन भी आ गया, जब टेसू-झेंझी का विवाह सम्पन्न होना था, टेसू और झेंझी दोनों पक्षों के बच्चों ने एकत्रित रूपयों से उत्सव जैसी व्यवस्था कर भव्य भोजन भंडारा कर गाजे-बाजे के साथ खूब मस्ती करते हुए टेसू-झेंझी का विवाह सम्पन्न कराया।
टेसू-झेंझी के इस विवाह उत्सव में जहां टेसू की बारात निकलने के दौरान बच्चों ने बैंड बाजों की धुनों पर जमकर डांस किया, तो वहीं झेंझी पक्ष की बच्चियों ने महिलाओं के साथ जमकर नृत्य किया। विधिविधान से विवाह सम्पन्न हुआ। कस्बा के मुहल्ला श्रीनगर में आयोजित टेसू-झेंझी का विवाह समारोह में कुंज कुमार का टेसू और कु0 स्वाती की झेंझी के अलावा अंशुल सविता का टेसू और कु0 अंशिका कश्यप की झेंझी का भव्यता के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। जिसमें बंदनी, गुंजन, सृष्टि, शिवम, सत्यम, कृष्णा, शिवम यादव, अगम, पूर्व सभासद दीपक यादव, सत्येंद्र कुमार, डॉ. भुवनेश यादव, फौजी सुदेश यादव, मुलायम सिंह मंत्री, आनंद कुमार, शरद यादव, अंजली, साधना, कनक, तनिष्का चक, अन्यन्या, अनिल वर्मा, विनीत कश्यप, श्यामू वर्मा, रामबिहारी सविता, सुनील, प्रांशुल, सम्राट चक, महेश चंद यादव, बृजेश कश्यप आदि सैकड़ों महिला-पुरुष, युवक युवतियां बुजर्ग मौजूद रहे।
