वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर काशी के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी एवं श्री काशी विश्वनाथ जी के दर्शन-पूजन किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त की और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

काशी को भारत की प्राचीनतम धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है। भगवान शिव की नगरी काशी का सनातन संस्कृति में विशेष स्थान है। यहां स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा विश्वनाथ काशी के अधिष्ठाता देवता हैं और उनके दर्शन-पूजन को श्रद्धालु विशेष पुण्यकारी मानते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बने रहने की कामना की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘काशी के कोतवाल’ के नाम से विख्यात श्री काल भैरव जी के मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। काशी की धार्मिक परंपराओं में बाबा काल भैरव का विशिष्ट महत्व है। मान्यता है कि काशी में बाबा काल भैरव को नगर का रक्षक माना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा काल भैरव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन-पूजन के माध्यम से काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
वाराणसी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश की प्रमुख पहचान है। गंगा तट पर बसी यह नगरी सदियों से भारतीय सभ्यता, संस्कृति, दर्शन और अध्यात्म का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यहां के मंदिरों, घाटों और धार्मिक आयोजनों का देश की सांस्कृतिक विरासत में विशेष योगदान है। बाबा विश्वनाथ और बाबा काल भैरव के मंदिर काशी की धार्मिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था काशी की प्राचीन परंपराओं को निरंतर जीवंत बनाए रखती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से किए गए दर्शन-पूजन का संदेश प्रदेशवासियों के कल्याण और खुशहाली की कामना से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा साझा की गई जानकारी में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री ने बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। यह धार्मिक यात्रा काशी की आध्यात्मिक परंपरा और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के महत्व को भी रेखांकित करती है।
