ऊसराहार। ताखा तहसील क्षेत्र में चरागाह की सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। बनी हरदू गांव में राजस्व विभाग की टीम ने चरागाह की 20 बीघा जमीन पर खड़ी धान की फसल कुर्क करने की कार्रवाई की। एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा के निर्देश पर लेखपाल शिवम ने भूमि की पैमाइश के बाद कार्रवाई की। प्रशासन का दावा है कि पिछले एक सप्ताह में क्षेत्र में करीब 120 बीघा चरागाह की जमीन कब्जामुक्त कराई गई है। वहीं, बनी हरदू में करीब 60 बीघा अन्य भूमि से कब्जा हटाने की तैयारी है।
चरागाह की जमीन गोवंशियों के विचरण और चारे की उपलब्धता के लिए सुरक्षित रखी जाती है। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में कई स्थानों पर इन जमीनों पर कब्जा कर धान सहित अन्य फसलें उगाई जा रही थीं। इससे चरागाह के निर्धारित उपयोग पर असर पड़ रहा था। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ताखा ने राजस्व विभाग को सरकारी जमीनों की पहचान, पैमाइश और अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत राजस्व टीमें गांवों में जाकर चरागाह और ऊसर की जमीनों का निरीक्षण कर रही हैं। राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सीमांकन किया जा रहा है और कब्जे की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बनी हरदू में 20 बीघा जमीन पर खड़ी धान की फसल कुर्क करने की कार्रवाई इसी अभियान के तहत की गई। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में फसल कुर्क किए जाने की बात कही गई है; इसे जमीन पर कब्जा हटाने की कार्रवाई से अलग समझा जाना चाहिए।
इससे पहले समथर, सरसई नावर और रुद्रपुर चमरपुर में भी चरागाह की जमीनों पर उगाई गई धान की फसल के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। प्रशासन के मुताबिक, इन गांवों में करीब सौ बीघा जमीन पर खड़ी फसल कुर्क की गई थी। बनी हरदू में हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने एक सप्ताह में करीब 120 बीघा चरागाह की भूमि कब्जामुक्त कराने का दावा किया है।
एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ताखा तहसील क्षेत्र में चरागाह और ऊसर की सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बनी हरदू में शेष करीब 60 बीघा चरागाह की जमीन से भी एक-दो दिन में कब्जा हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका निर्धारित उपयोग सुनिश्चित करना है।
