ऊसराहार। ताखा तहसील क्षेत्र में गोवंश के चारे के लिए आरक्षित चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर धान की फसल उगाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सरसईनावर और रुद्रपुर चमरपुर में सरकारी जमीन पर खड़ी धान की फसल को प्रशासन ने कुर्क कर सरकारी संपत्ति में शामिल करा दिया है। वहीं, खेतों में खराब होकर बर्बाद हो रही धान की फसल को गोशाला भेजा गया, ताकि उसका उपयोग गोवंश के चारे के रूप में किया जा सके। एक सप्ताह के भीतर तहसील क्षेत्र में तीन स्थानों पर करीब 80 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों में खलबली मची हुई है।
ताखा क्षेत्र में चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिलने के बाद उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश मिश्रा ने राजस्व विभाग को सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने चिह्नित जमीनों पर कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में ग्राम चमरपुर रुद्रपुर में गाटा संख्या 438, जिसका रकबा 0.3120 हेक्टेयर है, तथा गाटा संख्या 439, जिसका रकबा 0.4940 हेक्टेयर है, पर खड़ी धान की फसल को कुर्क किया गया। इसके अलावा राजस्व ग्राम सरसईनावर में गाटा संख्या 329 की 2.1200 हेक्टेयर ऊसर भूमि पर उगाई गई धान की फसल को भी प्रशासन ने कुर्क कर लिया।
प्रशासन के अनुसार, इन स्थानों पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर धान की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान खेतों में खड़ी फसल को सरकारी संपत्ति में शामिल कराया गया। खेतों में फसल खराब होकर बर्बाद होने की स्थिति में थी। ऐसे में उसे पूरी तरह नष्ट होने देने के बजाय गोशाला भेजने का निर्णय लिया गया, जिससे गोवंश के चारे के रूप में उसका उपयोग किया जा सके। इस कार्रवाई से एक ओर सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, वहीं दूसरी ओर खराब हो रही फसल का उपयोग भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।
ताखा तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर तीन स्थानों पर चरागाह की करीब 80 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। इससे पहले चार दिन पूर्व समथर गांव में भी करीब 40 बीघा जमीन से अवैध कब्जा हटवाया गया था। प्रशासन अब क्षेत्र में चरागाह और ऊसर भूमि को चिह्नित करने में जुटा है, ताकि सरकारी जमीन पर हुए कब्जों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
चरागाह की जमीन को विशेष रूप से गोवंश के चारे और उनके उपयोग के लिए आरक्षित रखा जाता है। ऐसी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण सरकारी संसाधनों के उपयोग पर असर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग को चिह्नित भूमि का विवरण तैयार करने और कब्जे की स्थिति के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराकर उसके निर्धारित उपयोग को सुनिश्चित किया जाए।
उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ताखा क्षेत्र में चरागाह और ऊसर भूमि को चिह्नित किया जा रहा है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक तीन स्थानों पर करीब 80 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा चुकी है। इन खेतों में खड़ी धान की फसल को कुर्क कर सरकारी संपत्ति में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी को भी अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सरकारी भूमि की पहचान करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जहां भी चरागाह या अन्य सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब ताखा क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि की स्थिति की जांच किए जाने की संभावना है।
