सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई की ओर से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को ग्राम परसौवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्कूल हेल्थ प्रोग्राम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के स्कूली बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली, बीमारियों से बचाव और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराते हुए उन्हें छोटी उम्र से ही अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल के जरिए विश्वविद्यालय ने चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा को सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व तथा नर्सिंग संकाय की डीन प्रो. बीजी बिजू के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए विद्यालय के बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यार्थियों ने बच्चों को सरल और सहज तरीके से स्वास्थ्य संबंधी विषयों को समझाने का प्रयास किया, जिससे वे अपनी दैनिक दिनचर्या में स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली को महत्व दे सकें। सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जागरूक बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता को विशेष महत्व दिया गया। बच्चों को बताया गया कि स्वच्छता का ध्यान रखना अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दैनिक जीवन में साफ-सफाई की आदतें अपनाने, अपने शरीर की स्वच्छता बनाए रखने तथा आसपास के वातावरण को साफ रखने के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य की देखभाल केवल बीमारी होने पर ही आवश्यक नहीं है, बल्कि नियमित रूप से अच्छी आदतों का पालन करके भी अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने उन्हें बताया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए दैनिक जीवन में स्वच्छता, स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता और अच्छी आदतों को स्थान देना जरूरी है। बचपन में विकसित होने वाली स्वास्थ्य संबंधी आदतें लंबे समय तक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसे में विद्यालयों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना बच्चों को जिम्मेदार और स्वास्थ्य के प्रति सजग नागरिक बनाने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना भी रहा। बीएससी नर्सिंग सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते हुए बच्चों को रोगों की रोकथाम और स्वस्थ रहने के उपायों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना और दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतों का पालन करना निवारक स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करने के साथ यह संदेश भी दिया गया कि अच्छी आदतों का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जब बच्चे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी प्राप्त करते हैं, तो वे इन आदतों को अपने घर और आसपास के वातावरण में भी अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। इस प्रकार विद्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यूपीयूएमएस सैफई के सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी नर्सिंग शिक्षा के व्यावहारिक और सामाजिक पक्ष को दर्शाती है। बीएससी नर्सिंग सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों के बीच स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित गतिविधियों में सहभागिता की। इस तरह की पहल नर्सिंग विद्यार्थियों को समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझने और लोगों तक उपयोगी स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने का अवसर प्रदान करती है।
नर्सिंग शिक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य का विशेष महत्व है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाता है। विद्यालयों में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक जानकारी को सामाजिक उपयोग से जोड़ सकते हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी जानकारियां प्राप्त होती हैं। परसौवा के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक पहल रहा।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। प्राथमिक विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान बच्चों तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने के प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। विद्यालय में बच्चों को स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करके उनमें स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग ने परसौवा गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्कूल हेल्थ प्रोग्राम आयोजित किया।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयासरत है। कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व और नर्सिंग संकाय की डीन प्रो. बीजी बिजू के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की सामुदायिक स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
कुल मिलाकर, 9 अक्टूबर को परसौवा के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित स्कूल हेल्थ प्रोग्राम सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग के विद्यार्थियों ने बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर उन्हें अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय की इस पहल का व्यापक उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को समुदाय तक पहुंचाना रहा।
