बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे ताखा क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना का रास्ता कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद साफ हो गया है। शुक्रवार को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश मिश्रा ने ककराही में चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़ी तैयारियों और भूमि की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय विकास कार्यों से जुड़ी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल पंकज गुप्ता भी मौजूद रहे। करीब 88 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होने वाले इस औद्योगिक कॉरिडोर से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए ताखा तहसील क्षेत्र के ककराही में 52 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है, जबकि भरथना तहसील क्षेत्र की 36 हेक्टेयर भूमि भी इस परियोजना में शामिल है। इस तरह दोनों तहसील क्षेत्रों की कुल करीब 88 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक कॉरिडोर को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए परिसर के भीतर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए पावर हाउस का निर्माण भी प्रस्तावित है। बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा होने के बाद औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इससे उद्योग लगाने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार हो सकेगा और निवेशकों को इकाइयां स्थापित करने में सुविधा मिलेगी।
परियोजना के निर्माण कार्य के लिए वाग्माइन एंटरप्राइजेज कंपनी को टेंडर दिया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब कॉरिडोर के विकास से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। औद्योगिक इकाइयों के लिए प्लॉट उपलब्ध होने के बाद यहां विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित किए जाने की संभावनाएं बनेंगी।
ताखा क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है। उद्योग स्थापित होने पर क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा निर्माण कार्य, परिवहन, माल ढुलाई, व्यापार और अन्य सहायक गतिविधियों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। औद्योगिक इकाइयों के संचालन से स्थानीय बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे कॉरिडोर विकसित होने से उद्योगों को परिवहन और माल की आवाजाही के लिए बेहतर संपर्क मार्ग का लाभ मिल सकता है। इससे निवेशकों के लिए यह क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, रोजगार और निवेश के वास्तविक अवसर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा उनके संचालन के बाद सामने आएंगे।
उपजिलाधिकारी विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को विकसित करने का काम आगे बढ़ाया जाएगा। शनिवार को ककराही में चिह्नित भूमि का निरीक्षण कर परियोजना से जुड़ी स्थिति का जायजा लिया गया।
करीब 88 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह औद्योगिक कॉरिडोर ताखा और भरथना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इसके निर्माण कार्य की शुरुआत, बुनियादी सुविधाओं के विकास और औद्योगिक प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। परियोजना पूरी होने और उद्योग स्थापित होने के बाद क्षेत्र में रोजगार, व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
