इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) इटावा द्वारा आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन से उपस्थित चिकित्सकों और चिकित्सा समुदाय को महत्वपूर्ण संदेश दिए।

कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि चिकित्सा सेवा में उत्कृष्टता केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सकों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सकों के पारिवारिक उत्तरदायित्व, मानसिक स्वास्थ्य, कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस) तथा प्रिवेंटिव मेडिसिन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव तभी रखी जा सकती है, जब चिकित्सक स्वयं स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। साथ ही उन्होंने रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रिवेंटिव मेडिसिन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने कुलपति के विचारों को प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। उनका उद्बोधन चिकित्सा समुदाय में जनस्वास्थ्य के प्रति उत्तरदायित्व, सेवा भावना और पेशेवर उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने वाला रहा। आईएमए इटावा के इस आयोजन ने चिकित्सकों के समग्र विकास और समाज के प्रति उनकी भूमिका पर सार्थक संवाद स्थापित किया।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति ने चिकित्सकों को दिया समग्र स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) इटावा द्वारा आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन से उपस्थित चिकित्सकों और चिकित्सा समुदाय को महत्वपूर्ण संदेश दिए।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि चिकित्सा सेवा में उत्कृष्टता केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सकों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सकों के पारिवारिक उत्तरदायित्व, मानसिक स्वास्थ्य, कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस) तथा प्रिवेंटिव मेडिसिन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव तभी रखी जा सकती है, जब चिकित्सक स्वयं स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। साथ ही उन्होंने रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रिवेंटिव मेडिसिन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने कुलपति के विचारों को प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। उनका उद्बोधन चिकित्सा समुदाय में जनस्वास्थ्य के प्रति उत्तरदायित्व, सेवा भावना और पेशेवर उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने वाला रहा। आईएमए इटावा के इस आयोजन ने चिकित्सकों के समग्र विकास और समाज के प्रति उनकी भूमिका पर सार्थक संवाद स्थापित किया।
