वन महोत्सव के अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, इटावा में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने की। इस दौरान जिलाधिकारी ने अपनी माता के नाम हरिशंकरी वृक्ष का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में वृक्ष लगाने की अपील की।

कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक, इटावा, उप प्रभागीय वनाधिकारी, क्षेत्रीय वनाधिकारी बढ़पुरा डॉ. देवेन्द्र सिंह, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजीत सिंह तथा दुग्ध महाविद्यालय के अधिष्ठाता सहित अन्य अधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने पीपल, बरगद, पाकड़ समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रोफेसरों और छात्र-छात्राओं को “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान के तहत पौधे वितरित किए गए। साथ ही डीएम चौराहे पर आम के पौधों का भंडारा आयोजित कर आमजन को निःशुल्क पौधे वितरित किए गए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जा सके।
सामाजिक वानिकी प्रभाग, इटावा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर समाज में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना है। अधिकारियों ने कहा कि “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान जनसहभागिता और प्रकृति प्रेम का जीवंत उदाहरण बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार जनपद इटावा में 7,127 एकड़ वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप जनपद का वनावरण 10.47 प्रतिशत से बढ़कर 12.128 प्रतिशत हो गया है। यह उपलब्धि जनपदवासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष किए जा रहे वृक्षारोपण और पौधों की सुरक्षा के कारण संभव हो सकी है।
अंत में अधिकारियों ने जनपद के सभी नागरिकों से आगामी वर्षों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
