सुघर सिंह पुत्र राम अवतार निवासी सैफई, जनपद इटावा, प्राथमिक विद्यालय भाऊपुर, ब्लॉक सैफई में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, स्वयं को पत्रकार बताने वाले सुघर सिंह का नाम लंबे समय से विभिन्न विवादों में सामने आता रहा है। सैकड़ों युवतियों ने उन पर गाली-गलौज करने, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा उत्पीड़न करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

वर्ष 2011 से महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े गंभीर आरोपों और दर्ज मुकदमों ने सुघर सिंह का नाम लगातार विवादों के केंद्र में रखा है। समय के साथ सामने आई शिकायतों और मामलों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिनके उत्तर की प्रतीक्षा आज भी बनी हुई है। इटावा के लाखों लोग आज भी इस प्रतीक्षा में है कब सुघर सिंह सुघर की असली हकीकत जनता के सामने आये।

उपलब्ध अभिलेखों, दर्ज मुकदमों एवं प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि सुघर सिंह की गतिविधियों से अनेक लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई लोगों का आरोप है कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिन लोगों ने कभी न्याय की उम्मीद की थी, वे आज भी अपने साथ हुई घटनाओं को याद कर पीड़ा महसूस करते हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर एक शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत व्यक्ति का नाम बार-बार इतने गंभीर विवादों और आपराधिक मामलों में क्यों सामने आता रहा? क्या इसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा है जिसे अब तक दबाने का प्रयास किया जाता रहा?
इटावा लाइव के पास कुछ महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इन साक्ष्यों को देखने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। हम अपने पाठकों से आग्रह करते हैं कि इन साक्ष्यों को स्वयं देखें, समझें और तय करें कि आखिर सच्चाई क्या है










