ऊसराहार। ताखा क्षेत्र के कुदरैल गांव में तालाब की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। राजस्व विभाग की जांच में सरकारी भूमि पर मकान एवं दुकानें बनाकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने की पुष्टि होने पर तहसील प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति को 12 लाख 60 हजार रुपये के जुर्माने का नोटिस जारी किया है। वहीं संबंधित किसान ने प्रशासनिक कार्रवाई को गलत बताते हुए कम मुआवजा देकर जमीन लेने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार कुदरैल गांव की गाटा संख्या 2220 राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है। आरोप है कि गांव निवासी मोहित गुप्ता ने तालाब की भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बनवा लीं तथा वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मामले की जांच क्षेत्रीय लेखपाल सतेंद्र यादव द्वारा की गई, जिसमें सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होने की बात कही गई है।
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि तालाब की भूमि के अवैध उपयोग से ग्राम पंचायत को लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपये की क्षति हुई है। नियमानुसार उक्त क्षति का पांच प्रतिशत यानी 12 लाख 60 हजार रुपये जुर्माने के रूप में निर्धारित किया गया है। तहसीलदार जावेद अंसारी ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर भूमि से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
तहसीलदार ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए तो राजस्व नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध कब्जा हटाने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
वहीं मोहित गुप्ता ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जिस स्थान पर उनका मकान बना है वहां अन्य कई मकान भी बने हुए हैं, लेकिन नोटिस केवल उन्हें ही जारी किया गया है। उनका कहना है कि उनकी कुछ जमीन लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण में जा रही है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सही मुआवजा न मिलने के कारण उन्होंने जमीन का बैनामा नहीं किया, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
