बकेवर:- लवेदी क्षेत्र के यमुना नदी किनारे सिद्ध हमीरपुरा मंदिर परिसर के पास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कि कथा में भगवान के बाल लीलाओ का वर्णन करते हुए भागवताचार्य मनमुकुन्द चौबे जी महाराज (सरल) ने कहा कि भगवान को माखन इसलिए अच्छा लगता हैं क्यूकि माखन भक्त का प्रतीक है। उन्होंने कथा में प्रवचन में समुन्द्र में कालीय नाग कि कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कालीय नाग बृज में समुन्द्र में रहता था कोई समुन्द्र में जाता तो उससे वह मार देता था । उन्होंने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया की 7 कोस लंबे चौड़े कालिकाल के देवता गोवर्धननाथ को 7 वर्ष के कन्हैया ने अपने सबसे छोटी उगली में 7 दिनरात अपनी अंगुली पर रखा। भगवान धारण किए रहे इंद्र देव का अभिमान तोड़ा। इस

लिए जीव को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए और कर्म करना चाहिए फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए, जिससे कर्म करोगे तो फल मिलेगा इसलिए भगवान ने भी कर्म को प्रधान बताते हुए कहा कर्म करना जीव का धर्म है फल देना मेरा काम है। वहीं कथा में यज्ञाचार्य पं दीनबन्धु शुक्ला कालपी जालौन द्वारा सुबह यज्ञ का कार्यक्रम किया जा रहा है। वहीं कथा में परीक्षित वन्दना गोविन्द कृष्ण दीक्षित व यज्ञ यजमान अर्चना एवं हरिश्चंद्र तिवारी भी अपने कार्य में जुटे हुए हैं। वहीं मंदिर के महन्त सुरजन दास जी महाराज ने सभी क्षेत्र के लोगों से कथा का बीहड़ में रसापान करने की अपील की है।
