उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जनपद इटावा के पीड़ित शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण को लेकर प्रस्तावित वार्ता आज नहीं हो सकी, जिससे शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि निराश होकर लौट गए।
जिला संगठन की ओर से पूर्व में 27 बिंदुओं का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को सौंपा गया था। इसी ज्ञापन पर चर्चा और समस्याओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा आज 07 अप्रैल को शाम 3 बजे का समय निर्धारित किया गया था। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक तथा लेखाधिकारी (माध्यमिक) दोनों की उपस्थिति में वार्ता प्रस्तावित थी।
हालांकि अपरिहार्य कारणों से निर्धारित समय पर लेखाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण संगठन और विभाग के बीच वार्ता नहीं हो पाई। इसके चलते शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों और उपस्थित शिक्षकों को बिना चर्चा के ही वापस लौटना पड़ा।
इस संबंध में जिला संगठन ने जिला विद्यालय निरीक्षक से पुनः अनुरोध किया है कि दोनों अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में वार्ता के लिए नई तिथि निर्धारित की जाए। संगठन ने आग्रह किया है कि आपसी सहमति से जल्द ही सुविधानुसार नई तिथि तय कर संगठन को अवगत कराया जाए, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर प्रभावी चर्चा हो सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी आश्वासन दिया कि जल्द ही अगली तिथि तय कर संगठन को सूचित किया जाएगा। नई तिथि की जानकारी मिलते ही सभी पीड़ित शिक्षक साथियों को समय से सूचना दे दी जाएगी।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी तय किया कि प्रांतीय नेतृत्व से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपदीय समस्याओं के साथ-साथ प्रांतीय स्तर से जुड़े मुद्दों का ज्ञापन, जिसे 10 अप्रैल को दिया जाना प्रस्तावित है, उसे भी वार्ता के समय ही सौंपा जाएगा।
इस निर्णय पर उपस्थित शिक्षकों और कार्यकारिणी सदस्यों के बीच सर्वसम्मति बनी। यह जानकारी जिलामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी और जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से मीडिया को दी।
