विकास भवन में गुरुवार को प्रातः 10:10 बजे मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम ने विभिन्न विभागों/कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति तथा विलंब से उपस्थिति की स्थिति सामने आई, जिसे कार्यालयीय अनुशासन की दृष्टि से अत्यंत गंभीर माना गया।
निरीक्षण के समय लोकपाल मनरेगा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) सहित कई अधिकारी अपने कार्यालय कक्षों में अनुपस्थित पाए गए। वहीं जिला विकास अधिकारी कार्यालय, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय तथा जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय समेत अन्य विभागों में भी अनेक कर्मचारी अनुपस्थित या देरी से उपस्थित मिले।
विशेष रूप से फैमिली आईडी हेल्पडेस्क पर तैनात कार्मिकों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना गया, जिससे आमजन को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। यह स्थिति शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना को दर्शाती है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि शासन द्वारा निर्धारित प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति एवं शिकायत निस्तारण संबंधी निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।

इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की और निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहना सुनिश्चित करें तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्य निष्पादन पर प्रभावी नियंत्रण रखें।
साथ ही निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों का 02 अप्रैल 2026 का वेतन/मानदेय अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है और उनसे तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
