नई दिल्ली। Election Commission of India ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव के साथ-साथ छह राज्यों में उपचुनाव के लिए 15 मार्च 2026 को मतदान कराने का कार्यक्रम घोषित किया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है।
आयोग ने सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को एमसीसी का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले आयोग ने चुनाव वाले पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनके 12 सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया था। अधिकारियों को 24 मार्च 2026 को हिंसा-मुक्त, भयमुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। देशभर में 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं, जो शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर करेंगे। इसके अलावा 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (एसएसटी) विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं, जो अचानक नाकेबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
26 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) के सक्रिय होने के बाद 25 मार्च 2026 तक विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त अभियान में 408.82 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की गई है। इसमें 17.44 करोड़ रुपये नकद, 37.68 करोड़ रुपये (करीब 16.3 लाख लीटर) की शराब, 167.38 करोड़ रुपये की मादक पदार्थ, 23 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 163.30 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य मुफ्त वितरण सामग्री शामिल है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां गठित की गई हैं।
नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना देने के लिए ‘सी-विजिल’ (cVigil) मॉड्यूल का उपयोग करें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
