नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने आवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखना और किसानों के हितों की रक्षा करते हुए आगामी खरीफ सीजन के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
बैठक में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संकट के समय सरकार को सक्रिय और सतर्क भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की न्यायसंगत और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने ‘फार्मर आईडी’ योजना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस विषय पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वैश्विक संकट का फायदा उठाकर खाद और बीजों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों को भी इस दिशा में कठोर कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा बीजों को सुखाने के लिए आवश्यक गैस और एग्रो-केमिकल्स की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद पैकेजिंग सामग्री, विशेषकर दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए, किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, बैठक में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति पर बल दिया गया।
