राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विकास खंड चकरनगर के विद्यार्थियों का इटावा स्थित लायन सफारी इटावा और कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ने का एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।
लायन सफारी में विद्यार्थियों ने वन्यजीवों के व्यवहार, उनके संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को करीब से समझा। इस अनुभव ने बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अवगत कराया गया, जिससे उन्हें कृषि और विज्ञान के नए आयामों को समझने का अवसर मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें नई संभावनाओं और अवसरों की दुनिया से परिचित होने का मौका मिलता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाते हैं, आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य भी विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को विकसित करना है। यदि इस तरह की गतिविधियों को नियमित रूप से लागू किया जाए, तो शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस दौरान विकास खंड चकरनगर के ग्राम जौनानी में भ्रमण के लिए जा रहे विद्यार्थियों से संवाद भी किया गया और उन्हें इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल नए भारत के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।
