नई दिल्ली। अश्विनी वैष्णव ने आज भारत के मीडिया, प्रसारण और डिजिटल क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारम्भ किया। इन पहलों में राष्ट्रीय एआई कौशल विकास कार्यक्रम, ‘मायवेव्स’ नागरिक रचनाकार मंच और डीडी फ्री डिश सेवाओं के लिए उन्नत तकनीकी सुविधाएं शामिल हैं।

पहली पहल के तहत Google और YouTube के सहयोग से भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के माध्यम से राष्ट्रीय एआई कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत करीब 15,000 युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एआई आधारित कुशल कार्यबल तैयार किया जा सके।
दूसरी पहल ‘मायवेव्स’ प्लेटफॉर्म है, जिसे वेव्स ओटीटी पर लॉन्च किया गया है। यह मंच कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी सामग्री बनाने, अपलोड करने और साझा करने की सुविधा देगा। मंत्री ने इसे देश के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला एक प्रभावी माध्यम बताया।

तीसरी पहल के अंतर्गत डीडी फ्री डिश सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए टीवी सेट्स में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (ईपीजी) और इनबिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर की सुविधा शुरू की गई है। इससे दर्शक बिना अतिरिक्त उपकरणों के आसानी से कंटेंट देख सकेंगे।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये सभी पहलें ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने, सार्वजनिक प्रसारण को मजबूत करने और रचनात्मक उद्योग को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबके लिए प्रौद्योगिकी” के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए तकनीक को अधिक सुलभ और किफायती बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में मीडिया और प्रसारण उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों, यूट्यूब इंडिया के प्रमुख और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मंत्री ने ‘क्रिएटर्स कॉर्नर’ पहल का भी उल्लेख करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत कुछ कंटेंट को 30 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। उन्होंने देशभर के रचनाकारों से अपील की कि वे दूरदर्शन और मायवेव्स जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विविधता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल रचनाकारों को मंच प्रदान करेगी, बल्कि देश में एक सशक्त और समावेशी मीडिया परिदृश्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
