नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का एक महत्वपूर्ण लेख साझा किया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकी युग में भारत की प्रगति और नवाचार की दिशा को रेखांकित किया गया है।
इस लेख में बताया गया है कि एआई के क्षेत्र में भारत का दृष्टिकोण वैश्विक साझेदारियों से गहराई से जुड़ा हुआ है, साथ ही यह देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भी है। भारत की एआई रणनीति को स्पष्ट, मानव-केंद्रित, समावेशी और अंतरसंचालनीय बताया गया है, जो संप्रभु क्षमता की मजबूत नींव पर आधारित है।

लेख में धर्मेन्द्र प्रधान ने लिखा, “एआई-संचालित तकनीकी युग में भारत की नवाचार गाथा वैश्विक साझेदारियों से गहराई से जुड़ी हुई है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का एआई दृष्टिकोण पूरी तरह से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है और इसमें मानव-केंद्रित विकास, समावेशिता, अंतरसंचालनीयता और तकनीकी संप्रभुता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रधानमंत्री द्वारा इस लेख को साझा किए जाने के बाद तकनीकी और शिक्षा जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह रणनीति भविष्य में देश को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
