मास्को। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के 20वें दिन (19 मार्च 2026) रूस ने भारत से बड़ी अपील की है। रूस ने भारत की वैश्विक साख और कूटनीतिक प्रभाव को देखते हुए इस संकट के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने मास्को में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान भारत को “प्रभावशाली शक्ति” बताते हुए कहा कि मौजूदा संकट को सुलझाने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है।
जाखारोवा ने कहा, “वर्तमान गंभीर संकट, जो अमेरिका और इजरायल के अकारण आक्रमण से उत्पन्न हुआ है, उसे सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के जिम्मेदार सदस्यों की आवश्यकता है।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत जैसी प्रभावशाली शक्ति इस युद्ध को रोकने और शांति वार्ता शुरू कराने में सक्षम है।
रूस की इस अपील को वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है that भारत की संतुलित विदेश नीति और सभी पक्षों के साथ बेहतर संबंध इस संकट के समाधान में सहायक हो सकते हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से मध्यस्थता की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं।
