इटावा। लोक अदालत के जननायक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की जयंती तथा लोक अदालत के अवसर पर अपना दल (एस) द्वारा शनिवार को गोष्ठी एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय मंत्री एवं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपना दल (एस) के कार्यवाहक जिला उपाध्यक्ष हरिओम सिंह चौहान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. हरीशंकर पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन जिलाध्यक्ष विधि मंच अमित चौरसिया (एडवोकेट) की देखरेख में किया गया। इस अवसर पर साईं मंदिर में विचार गोष्ठी आयोजित की गई तथा पक्का तालाब, इटावा के आसपास स्वच्छता अभियान चलाकर झाड़ू लगाई गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. हरीशंकर पटेल ने कहा कि बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया लोक अदालत की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने वाले महान विधिवेत्ता थे। उन्होंने लखनऊ के लोवर कोर्ट, लखनऊ और बिहार के हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली में भी सफलतापूर्वक वकालत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1953 में चौरसिया ने “सेंट्रल लीगल एंड सोसायटी” की स्थापना की थी, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गरीब, दलित, शोषित और पिछड़े वर्ग के लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता एवं परामर्श प्रदान किया जाता था।
अध्यक्षता कर रहे हरिओम सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 1928 में एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया वर्ष 1929 में पंजीकृत अधिवक्ता बने और जीवनभर न्याय और समाज सेवा के लिए कार्य करते रहे।
इस अवसर पर जिला कार्यकारिणी सदस्य इंजीनियर राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि चौरसिया की प्रारंभिक शिक्षा विलियम मिशन हाई स्कूल, लखनऊ में हुई थी तथा बाद में उन्होंने बीएससी और एलएलबी की शिक्षा कैनिंग कॉलेज (वर्तमान लखनऊ विश्वविद्यालय) से प्राप्त की। उनके गुरु श्री रामचरण निषाद और भदंत बोधानंद जी थे।
जिलाध्यक्ष विधि मंच अमित चौरसिया (एडवोकेट) ने उनके पारिवारिक जीवन की जानकारी देते हुए बताया कि स्व. बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया का विवाह बाराबंकी जनपद की श्रीमती रामप्यारी से हुआ था। उनके तीन पुत्र—रामचंद्र, राजेंद्र और बिजेंद्र तथा एक पुत्री आशा थीं। उन्होंने यह भी बताया कि चौरसिया उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद के कानूनी सलाहकार भी रहे और वर्तमान लोक अदालत की व्यवस्था उनकी ही देन है।
अपना दल (एस) सदर इटावा के विधानसभा अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि जब बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया सांसद बने तो उन्होंने अपने कार्यकाल में वर्ष 1975 में भारतीय संविधान में संशोधन कर अनुच्छेद 39-ए को शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे गरीबों को निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता अभियान चलाकर पक्का तालाब के आसपास साफ-सफाई की गई और जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुधीर सविता, जयवीर सिंह, सुनील कुमार, जितेंद्र प्रजापति, नितिन चौरसिया (एडवोकेट), मनीष कुमार बघेल (एडवोकेट), पवन माथुर (एडवोकेट), राहुल चौधरी (एडवोकेट), मनोज शंखवार (एडवोकेट), राव विश्वनाथ प्रताप सिंह (एडवोकेट), राजेश चौरसिया, पुनीत चौरसिया, श्रीमती रानी चौरसिया तथा संरक्षक संतोष वर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
