महिलाओं के उत्पीड़न की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती पूनम द्विवेदी ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान कुल 07 शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश प्रार्थना पत्र महिला उत्पीड़न एवं पुलिस विभाग से संबंधित थे। आयोग की सदस्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर श्रीमती पूनम द्विवेदी ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित छोटी-बड़ी सभी शिकायतों को गंभीरता से लें और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाना सुनिश्चित करें, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय के लिए भटकना न पड़े और उनका सम्मान हर स्थिति में सुरक्षित रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान बनाए रखने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों का संचालन कर रही है। यदि किसी भी महिला या बालिका के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जाता है तो वे बिना झिझक इन टोल फ्री नंबरों का उपयोग कर शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यदि उन्हें समय पर न्याय नहीं मिलता है तो वे राज्य महिला आयोग में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं, जहां से उन्हें न्याय दिलाने की पूरी व्यवस्था है।

कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चार बालिकाओं का बाल विवाह रोके जाने पर उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनकी सराहना की गई।
बैठक के दौरान आयोग की सदस्य ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में आते समय वे अपने पिछले कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लिखित रूप में अवश्य प्रस्तुत करें तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं।
