जनपद इटावा स्थित प्रेरणा सभागार में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, इटावा द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना (सी.एम. युवा) के अंतर्गत वृहद ऋण वितरण शिविर एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूलकिट वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी इटावा शुभान्त शुक्ल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, जिला समन्वयक, संबंधित विभागीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी श्री शुभान्त शुक्ल ने अपने संबोधन में युवाओं एवं नागरिकों से अधिक से अधिक स्वरोजगार अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने से पलायन में कमी आएगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया — “स्वयं उद्यमी बनें, स्वयं स्वामी बनें।”
साथ ही उन्होंने बैंकर्स को निर्देशित किया कि लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरण किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनपद के आर्थिक विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने में बैंकर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों के साथ सकारात्मक एवं सहयोगात्मक व्यवहार रखें तथा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

उन्होंने ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध एवं सरल बनाने पर बल दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत जनपद में बैंकर्स के सक्रिय सहयोग से अब तक लगभग 1200 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया जा चुका है। यह स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इसी क्रम में आज 121 नवीन लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र/चेक वितरित किए गए।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को आधुनिक टूलकिट वितरित की गई। इस अवसर पर 75 बढ़ई एवं 75 राजमिस्त्री लाभार्थियों को उन्नत उपकरण प्रदान किए गए, ताकि वे अपने पारंपरिक कौशल को और अधिक सुदृढ़ कर आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने लाभार्थियों से अपेक्षा की कि वे प्राप्त ऋण एवं टूलकिट का सदुपयोग करते हुए अपने उद्यम को आगे बढ़ाएं, गुणवत्ता एवं ईमानदारी के साथ कार्य करें तथा अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनें।
कार्यक्रम के दौरान योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टाल भी लगाए गए, जिन्हें उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने देखा और सराहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनपद में स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

