शहर के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, लालपुरा में तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज के अंतिम शिष्य आचार्य श्री 108 सुबल सागर महाराज ससंघ विराजमान हैं। उनके पावन सान्निध्य में आयोजित पच्चीस मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन हवन की पूर्ण आहुति के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ।

विधान का शुभारंभ विधानकर्ता शशिकांत जैन (ग्वालियर) द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। प्रातःकाल भगवान श्रीजी का अभिषेक संपन्न हुआ तथा आचार्य श्री के मुखारविंद से शांति धारा बोली गई। शांति धारा करने का सौभाग्य विवेक जैन, पीयूष जैन, सोनू जैन, सौरभ जैन, सुनील जैन, अभिषेक जैन, भोलू जैन सहित युवा टीम को प्राप्त हुआ।
विधान में पुरुषों एवं महिलाओं ने पीले वस्त्र, मुकुट व मालाएं धारण कर भक्ति भाव से सहभागिता की। पात्र सौधर्म इंद्र विवेक जैन, कुबेर इंद्र विशाल जैन (मेडिकल), महेंद्र इंद्र महावीर प्रसाद जैन, यज्ञनायक इंद्र शैलेश जैन तथा राजाश्री पाल सौरव जैन द्वारा हवनकुंड में 108 मंत्रों के साथ आहुतियां अर्पित की गईं। संपूर्ण विधान हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ।

विधान के दौरान संगीत की प्रस्तुति लोकेश एंड पार्टी द्वारा दी गई, जिसमें श्रद्धालु भक्ति नृत्य में झूम उठे। सांयकाल श्रीजी एवं आचार्य श्री की सुमधुर संगीत के साथ भव्य महाआरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्न मंच का आयोजन भी किया गया, जिसमें विजेताओं को जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता एवं पंकज यादव (प्रधान, भरथना) ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन एवं श्रीमती पूजा जैन द्वारा नगरपालिका अध्यक्ष का पगड़ी व तिलक लगाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में पूरन जैन, रोहित जैन, वैभव जैन, गौरव जैन सहित श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति के पदाधिकारी एवं सकल दिगंबर जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चक्रेश जैन द्वारा किया गया।
