इटावा। धर्मनगरी इटावा में बुधवार को एक ऐतिहासिक एवं मंगलमय दृश्य देखने को मिला। तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर मुनिराज के अंतिम शिष्य एवं जैन धर्म के प्रभावशाली संत पूज्य आचार्य श्री 108 सुबल सागर महाराज जी ससंघ (9 पिच्छी) का भिंड (मध्यप्रदेश) से पदबिहार करते हुए नगर आगमन हुआ।

इस अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, नशिया जी से भव्य मंगल प्रवेश एवं आगवानी जुलूस निकाला गया। जुलूस नशिया जी मंदिर से प्रारंभ होकर टिक्सी मंदिर, बजरिया, छैराहा–पचराहा, सीओ सिटी चौराहा, तिकोनिया, पक्की सराय, नगरपालिका चौराहा, रंगलाल चौराहा होते हुए महावीर मार्ग स्थित लालपुरा जैन मंदिर पहुँचा।
नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन, आरती एवं वंदना कर भावभीना स्वागत किया। गुरुदेव के पावन आगमन से संपूर्ण नगर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। लालपुरा जैन मंदिर पहुँचकर आचार्य श्री ने श्रीजी के दर्शन किए एवं उपस्थित श्रद्धालुओं को मंगल प्रवचन प्रदान किए।

कार्यक्रम में जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार, विशेष सहयोगी राजू जैन, पीयूष जैन, सोनू जैन, अमित जैन, रोहित जैन, सौरव जैन, वैभव जैन, चीता जैन, सुशील जैन, भोलू जैन, शुभम जैन, मोहित जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष, बच्चे एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ अर्जित किया। मंच संचालन महावीर प्रसाद जैन ने किया।
शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कोतवाली प्रभारी यशवंत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान कोतवाली प्रभारी ने आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
