आज विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत का संविधान लागू हुआ, जिसके साथ ही देश के नागरिकों को अधिकार प्राप्त हुए और सभी को मत देने का अधिकार मिला। हम सबको प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाएंगे तथा विकास कार्यों में अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। देश को आजादी दिलाने और राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उक्त उद्गार जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभागार में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण एवं शपथ ग्रहण के पश्चात आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संविधान एक तंत्र है और हम सभी इस तंत्र का हिस्सा हैं। जब किसी चीज का अभाव होता है तब उसके महत्व का अहसास होता है, इसलिए हमें अपने दायित्वों का निर्वहन अवश्य करना चाहिए। राष्ट्रीय पर्व हमें एक अलग ही भावना से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि देश निरंतर आगे बढ़े, हम संविधान के मूल्यों पर चलें और उनसे बंधे रहें, यही हमारे संविधान की सच्ची भावना है।

जिलाधिकारी ने कहा कि हम आजाद हैं और हम सभी को संविधान के नियमों का पालन करना चाहिए। आजादी के बाद देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास किया है, शहर से लेकर गांव तक विकास धरातल पर दिखाई दे रहा है। सरकार जनआकांक्षाओं की पूर्ति तथा राज्य के समग्र विकास, सभी वर्गों की उन्नति, कल्याण एवं सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है।

अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी के बाद देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है और विकास के क्षेत्र में हमारा देश किसी से कम नहीं है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्रों को बिना भेदभाव के दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सबको राष्ट्र के बारे में सोचना होगा, तभी देश की तरक्की और उन्नति संभव है।
कार्यक्रम का संचालन संजय वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, उप जिलाधिकारी न्यायिक राकेश कुमार, उप जिलाधिकारी न्यायिक दीप शिखा सहित कलेक्ट्रेट के सभी अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
