उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष आशुतोष दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने कचहरी परिसर में मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में जोरदार निरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में जिला अध्यक्ष आशुतोष दीक्षित ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को उसके मूल अधिकारों से वंचित करने का घृणित षड्यंत्र रच रही है। इसी कड़ी में दिहाड़ी मजदूरों की रोज़ी-रोटी छीनने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने की कोशिश अत्यंत चिंताजनक है और इससे देश के करोड़ों गरीब मजदूरों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
वहीं शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद ने कहा कि मनरेगा को निरस्त करने के लिए विधेयक लाने की तैयारी भाजपा का एक सुनियोजित कदम है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर गरीबों के हित में सफल नहीं होने देगी। पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि यह कोई सामान्य विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक और अधिकार-आधारित जनकल्याणकारी कानून को समाप्त कर गरीब मजदूरों से उनका संवैधानिक अधिकार छीना जा रहा है।
कांग्रेस जनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार ने मनरेगा निरस्तीकरण से संबंधित विधेयक वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे देश में व्यापक और क्रांतिकारी आंदोलन करने को मजबूर होगी।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष मलखान सिंह यादव, पूर्व शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, कोमल सिंह कुशवाहा, करन सिंह राजपूत, प्रशांत तिवारी, वाचस्पति द्विवेदी, सतीश नागर, संजय दोहरे, कुसुमलता उपाध्याय, विष्णुकांत मिश्रा, मोहनलाल प्रजापति, कृपाराम राजपूत, सुनीता कुशवाहा, आशाराम कठेरिया, नरेंद्र यादव, सतीश शाक्य, प्रदीप द्विवेदी, दीक्षा शुक्ला, सुहेल, अंसार अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
