जिले में चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और मंगलवार को यह 119.32 मीटर तक पहुंच गया। जबकि चेतावनी बिंदु 119.80 मीटर और खतरे का बिंदु 120.80 मीटर निर्धारित है। नदी में जलस्तर बढ़ने की यह स्थिति राजस्थान के कोटा बैराज से 2.41 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न हुई है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। सदर और चकरनगर तहसील के कई गांवों को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र मानते हुए वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अवनीश दुबे ने जानकारी दी कि बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में 27 बाढ़ चौकियां और 27 शेल्टर होम तैयार किए जा चुके हैं, जहां किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखा जाएगा।
श्री दुबे ने बताया कि वर्तमान में जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब है। वर्ष 2022 में चंबल का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर 129.77 मीटर तक पहुंचा था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों या कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना दें।
