सामाजिक वानिकी प्रभाग इटावा द्वारा पर्यावरण, वन संरक्षण एवं समवर्धन को लेकर प्राचीन कुंडेश्वर मंदिर परिसर में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों की सक्रिय सहभागिता रही, जिसमें पर्यावरणीय चेतना और संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। चौपाल को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि गांवों को हरित ग्राम में बदलने की दिशा में यह एक अहम पहल है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक सरिता भदौरिया, भाजपा नेता संजू चौधरी एवं भारतीय जनता पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने ग्रीन चौपाल के उद्देश्यों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों का ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष महत्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल पौधरोपण करें, बल्कि उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें।

ग्रीन चौपाल का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश के हरित क्षेत्र को 15 प्रतिशत तक बढ़ाना है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न गाँवों में पर्यावरणीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता अभियान और बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। चौपाल में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों और पंचायत भवनों पर भी पौधे लगाए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई और उन्हें जागरूक करने के लिए जानकारीपूर्ण पुस्तिकाएं वितरित की गईं। बच्चों और युवाओं ने भी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्रीन चौपाल ने एक सकारात्मक संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा केवल एक विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है, जिसे हम सब मिलकर निभा सकते हैं।
