जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से लगी सीटी स्कैन मशीन एक बार फिर खराब हो गई है। शनिवार से मशीन की मोटर जाम होने के कारण किसी भी मरीज का सीटी स्कैन नहीं हो पाया है। मरीजों को मजबूरी में महंगे दामों पर प्राइवेट सेंटरों पर स्कैन कराना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मशीन के खराब होने के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य तौर पर अस्पताल में रोजाना 70 से 80 मरीजों के सीटी स्कैन किए जाते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के चलते चार दिनों से सभी मरीजों को मायूसी हाथ लग रही है। जिन मरीजों को तत्काल सीटी स्कैन की जरूरत होती है, वे निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर जांच कराने को मजबूर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मशीन पिछले 15 दिनों में दूसरी बार खराब हुई है। पहले भी कुछ दिनों तक मशीन बंद रही थी, लेकिन इसे सही कराने में देरी की गई थी। अब एक बार फिर तकनीकी खराबी आ जाने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि मशीन बंद होने के चार दिन बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा होने के बावजूद उन्हें निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
इस संबंध में जब अस्पताल प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने जल्द ही मशीन ठीक कराने का आश्वासन दिया। मरीजों और परिजनों की मांग है कि मशीन को जल्द से जल्द चालू किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके और जांच के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
