ग्राम पंचायत विभाग के कर्मचारी रामकिशन के शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी हत्या किसी धारदार हथियार से सिर पर हमला कर की गई थी। जांच में पता चला कि यह घटना उसी दिन अंजाम दी गई, जिस दिन वह लापता हुए थे। हत्या के बाद उनके मोबाइल को प्रयागराज पहुंचाया गया, जिससे पुलिस भ्रमित हो गई और कर्मचारी की तलाश में प्रयागराज तक पहुंच गई।
रामकिशन एक मार्च की रात आठ बजे से लापता थे। परिजनों ने दो मार्च को थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार दिन बाद बुधवार शाम को उनका शव रेलवे बगिया में एक अधूरे पड़े मकान में मिला। मौके पर पहुंची मृतक की बेटी शिवा राठौर ने अपने पति और ससुराल वालों पर पिता की हत्या का आरोप लगाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि हत्या एक मार्च को हुई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाया गया, जिसके चलते पुलिस वहां तक तलाश में पहुंची, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्र ने बताया कि घटना के पीछे का कारण और दोषियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही है और जल्द ही मामले में ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
