भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा 7 फरवरी 2025 को रेपो रेट में की गई कटौती का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को ऋण की ईएमआई भुगतान में लाभ मिलेगा। साथ ही, मुद्रा स्फीति पर नियंत्रण और कैश लिक्विडिटी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों से आरबीआई द्वारा रेपो रेट 6.50% पर स्थिर रखा गया था। नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसे 0.25% घटाकर 6.25% वार्षिक कर दिया है। रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को शॉर्ट टर्म लोन प्रदान करता है। रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर व्यापार, निवेश और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
दीपक गुप्ता ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का पूरा फोकस मध्यम वर्ग और व्यापारियों पर है, जो भारी ब्याज दरों के कारण आर्थिक दबाव में थे। बजट 2025 में मध्यम वर्ग को राहत देने के बाद अब व्यापारियों को ऋण भुगतान में सहायता के लिए आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने जनपद की सभी वाणिज्यिक बैंकों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा व्यापारियों के हित में जारी इस कटौती का लाभ जल्द से जल्द व्यापारियों और उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं और नए ऋण उपलब्ध कराने में मदद करें।
