विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ

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विश्वविद्यालय की प्रशासनिक शाखा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त कर्मचारियों को विश्वविद्यालय की कार्य-संस्कृति से परिचित कराना और उनके कार्य-कौशल में वृद्धि करना है।

स्टाफ इंडक्शन प्रोग्राम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) पी.के. जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव, कुलसचिव एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्रवीर सिंह, संकायाध्यक्ष चिकित्सा डॉ. आदेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह, निदेशक वित्त जगरोपन राम, आयोजन सचिव डॉ. कमल पंत, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर, मुख्य लेखा अधिकारी विपिन कुमार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के.बी. अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय में नवनियुक्त 50 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। प्रत्येक सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर सेशन रखा गया, जिसमें नवनियुक्त कर्मचारी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर रहे हैं।

कुलपति प्रो. (डॉ.) पी.के. जैन ने नए कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी से कार्य के प्रति सच्चे समर्पण, अनुशासन और समयबद्धता की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में निपुणता लाने के लिए प्रशिक्षण के दौरान सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखनी चाहिए और सहकर्मियों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए।

कुलसचिव डॉ. चंद्रवीर सिंह और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ने नवनियुक्त कर्मचारियों से विभागीय अनुशासन और कार्यक्षमता में सुधार लाने की अपील की। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर अनुशासन और नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।

निदेशक वित्त जगरोपन राम ने कहा कि इस इंडक्शन प्रोग्राम का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है। इसमें कार्यशैली, कार्यक्षमता और अनुशासन के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव और संकायाध्यक्ष चिकित्सा डॉ. आदेश कुमार ने नए कर्मचारियों को सलाह दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें और विश्वविद्यालय की कार्य-संस्कृति को समझने का प्रयास करें।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं आयोजन सचिव डॉ. कमल पंत और उमाशंकर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके कार्य को प्रभावी ढंग से करने के लिए तैयार करना, उनके ज्ञान और कौशल को बढ़ाना और सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

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