मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आज जनपद के प्रेरणा सभागार स्थित विकास भवन में विकास कार्यों की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में फैमिली आईडी योजना पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिन व्यक्तियों की फैमिली आईडी बन चुकी है, लेकिन राशन कार्ड नहीं बना है, उनकी फैमिली आईडी नंबर ही उनका राशन कार्ड नंबर माना जाएगा।
उन्होंने राशन कोटेदारों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि वे फैमिली आईडी की प्रक्रिया से परिचित होकर अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित कर सकें। इसके लिए हर ब्लॉक में कम से कम चार मास्टर ट्रेनर बनाए जाएंगे, जिनके साथ एक ग्राम पंचायत सदस्य और एक लाभार्थी मौजूद रहेगा, जिससे लाभार्थियों को उनकी फैमिली आईडी बनवाने में मदद मिल सके।
बैठक में विभिन्न विभागों की जनपद स्तरीय रैंक की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी रैंक में सुधार लाएं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि सहभागिता योजना के प्रचार-प्रसार के लिए एक पोस्टर तैयार कर उसकी प्रिंट कॉपी नगर पंचायत और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगवाई जाए। मत्स्य उत्पादन विभाग एवं सिडको को भी अपनी रैंक सुधारने के निर्देश दिए गए।
सामूहिक विवाह और सुमंगला योजना पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जहां पहले कूड़ा डाला जाता था, वहां पार्क या लॉन विकसित किए जाएं, ताकि पर्यावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे। साथ ही, सड़कों के किनारे पंक्तिबद्ध अशोक के वृक्ष लगाने का भी सुझाव दिया गया, जिससे हरियाली और स्वच्छता बनी रहे।
बैठक में सभी सरकारी अधिकारियों को मातृभूमि योजना के तहत अपनी इच्छानुसार वित्तीय योगदान करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक निदेशक वानिकी अतुलकांत शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गीताराम, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित कई अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
